
परिजन ने शिक्षक और स्कूल प्रबंधन पर अपराध दर्ज करने की मांग, नाबालिग छात्र को निष्कासन विवाद ने तूल पकड़ा
कोरबा:- सेंट जेवियर्स पब्लिक स्कूल, कोरबा में कक्षा 12वीं में अध्ययनरत अनुसूचित जाति वर्ग के एक छात्र को निष्कासित किए जाने का मामला अब गंभीर विवाद का रूप ले चुका है। परिजन ने विद्यालय के शिक्षक जितेन्द्र कुमार पांडेय और प्रबंधन पर व्यक्तिगत दुर्भावना और भेदभाव का आरोप लगाते हुए अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत अपराध दर्ज करने की मांग की है।
परिजनों का आरोप है कि शिक्षक जितेन्द्र कुमार पांडेय ने छात्र के साथ जानबूझकर दुर्व्यवहार किया। बताया गया कि छात्र ने पहले भी शिक्षक की अनुचित गतिविधियों और धमकियों का विरोध किया था। तभी से शिक्षक ने उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। परिजन का कहना है कि 22 जुलाई 2025 को हुई कथित मारपीट की घटना में छात्र की कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं थी, फिर भी उसका नाम एफआईआर में दर्ज कराया गया। जबकि अन्य आरोपियों को केवल “साथी” बताकर छोड़ दिया गया
शिक्षा विभाग और प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप_
परिजन बताते हैं कि उन्होंने पहले स्कूल प्रबंधन और प्रिंसिपल से इस मामले की शिकायत की थी। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को भी लिखित शिकायत दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। परिजनों का कहना है कि मजबूरी में अब उन्हें जिला पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग करनी पड़ी।
अभिभावकों और शिक्षा जगत में चिंता___________
इस पूरे घटनाक्रम ने शिक्षा जगत और अभिभावकों के बीच गहरी चिंता पैदा कर दी है। सवाल यह उठ रहा है कि जब JJ Act और SC/ST Act जैसे कड़े कानून मौजूद हैं, तो फिर नाबालिग छात्र के साथ इस तरह का अन्याय कैसे हो गया? और क्यों शिक्षा विभाग ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया…….? अब यह मामला पुलिस के पाले में है और सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या वास्तव में शिक्षक और स्कूल प्रबंधन पर एफआईआर दर्ज होगी या मामला दबा दिया जाएगा।





